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Hindi Poem || Love Proposal || स्वीकार यदि लेती मुझे || KaviKumar Sumit || Poem In Hindi

शायरियाँ एवं मुक्तक


राम

शीत बरसात बनवास वे राम हैं,
भाव सा भाव मधुमास वे राम हैं,
जानकी हाँथ थामा लखन साथ में,
चल  पड़े राम के पास वे राम हैं।


प्रेम

काटती रात काटी किसी ख़ास ने,
चीखती बात बाँटी किसी ख़ास ने,
पत्तियाँ फूल पौधे सभी दें दुआ, 
टहनियाँ आज छांटी किसी ख़ास ने ।

भाव

नाराज़ होकर बातें मनवा रही हो तुम,
जनता पे तानाशाही अच्छी नहीं होती ।